यह तब होता है जब एक गैर-अभिभावक मौजूदा सीपीएस केस में पक्षकार बनने के लिए कहता है। याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को "हस्तक्षेपकर्ता" कहा जाता है। कोई व्यक्ति सीपीएस केस में हस्तक्षेप कर सकता है ताकि बच्चे की अभिरक्षा प्राप्त की जा सके या माता-पिता के अधिकार समाप्त किए जा सकें ताकि वे कानूनी रूप से बच्चे को गोद ले सकें।
किसी व्यक्ति द्वारा केस में हस्तक्षेप करने के बाद, वह व्यक्ति अदालत में उपस्थित हो सकता है, कानूनी दस्तावेज दाखिल कर सकता है, सबूत पेश कर सकता है और अदालत से कुछ आदेशों के लिए कह सकता है।